वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
दांतन के धान खेत में गिरा विमान जैसा विशाल यंत्र, बाकखाली में भी हड़कंप
कोलकाता। बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में रहस्यमयी ड्रोनों के मिलने से सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया है। बुधवार तड़के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दांतन थाना अंतर्गत शरशंका बकुलतला और पाइकोंबाड़ इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब आसमान से एक विशालकाय ड्रोन अचानक धान के खेत में आ गिरा। सुबह लगभग 4 बजे हुई इस घटना ने स्थानीय निवासियों को हैरत में डाल दिया है। खेत में गिरे इस यंत्र का आकार इतना बड़ा है कि पहली नजर में ग्रामीणों को यह किसी छोटे विमान जैसा प्रतीत हुआ। इलाके में इससे पहले कभी इतना बड़ा मानवरहित विमान नहीं देखा गया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के धुंधलके में एक तेज आवाज के साथ यह यंत्र खेत में गिरा। ड्रोन की बनावट और उसके विशाल पंखों को देखकर स्थानीय लोग तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं। कुछ इसे अत्याधुनिक निगरानी ड्रोन मान रहे हैं, तो कुछ का अंदाजा है कि यह किसी रक्षा संस्थान या निजी कंपनी की परीक्षण उड़ान का हिस्सा हो सकता है, जो तकनीकी खराबी के कारण रिहायशी इलाके के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही दांतन थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को घेर लिया है। हैरानी की बात यह है कि इसी तरह की एक और घटना दक्षिण 24 परगना के बाकखाली में भी सामने आई है। यहाँ नदी किनारे एक मानवरहित यंत्र (ड्रोन) लावारिस हालत में बरामद किया गया।
एक ही समय के आसपास राज्य के दो अलग-अलग कोनों एक तरफ समुद्र तटीय बाकखाली और दूसरी तरफ मेदिनीपुर के ग्रामीण अंचल में ड्रोनों का मिलना सुरक्षा के लिहाज से कई सवाल खड़े कर रहा है। बाकखाली में बरामद ड्रोन को लेकर भी स्थानीय मछुआरों और निवासियों में काफी कौतूहल और डर का माहौल देखा गया।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है। दांतन और बाकखाली, दोनों ही जगहों पर बरामद ड्रोनों के सीरियल नंबर और पहचान चिह्नों की जांच की जा रही है ताकि उनके स्रोत का पता लगाया जा सके।
फिलहाल, प्रशासन ने इस मामले में गोपनीयता बनाए रखी है और तकनीकी विशेषज्ञों व रक्षा विभाग को सूचित कर दिया गया है। जब तक आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक बंगाल के खेतों और नदियों के किनारे गिरे ये विशाल यंत्र एक गहरा रहस्य बने हुए हैं।